कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट बंद, यासिन मलिक की सुनवाई के बाद लिया गया फैसला


कश्मीर में आतंकी फंडिंग मामले में अलगाववादी नेता यासीन मलिक को बुधवार को उम्र कैद की सजा सुनाए जाने के बाद एहतियात के तौर पर कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया है। यासीन मलिक को आतंकवाद की टेटर फंडिग के मामले में एक अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि घाटी में सभी नेटवर्क सर्विस प्रोवाइडर्स को मोबाइल इंटरनेट सर्विस को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि फाइबर और ब्रॉडबैंड समेत फिक्स्ड लाइन पर इंटरनेट सर्विस चालू हैं।

समाचार एजेंसी के अनुसार, कश्मीर में शांति बनाए रखने के मकसद से अथॉरिटी ने मोबाइल इंटरनेट सर्विस को बंद कर दिया है। हालांकि, फाइबर और ब्रॉडबैंड सहित फिक्स्ड लाइन सर्विस चालू हैं। फिलहाल इसकी जानकारी नहीं दी गई है कि मोबाइल इंटरनेट सर्विस को दोबारा कब चालू किया जाएगा।

पिछले महीने, पंजाब सरकार ने एक खालिस्तान विरोधी मार्च को लेकर दो समूहों के बीच संघर्ष, जिसमें चार लोग घायल हो गए थे, के एक दिन बाद, पटियाला जिले में वॉयस कॉल को छोड़कर, मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं को भी निलंबित कर दिया था।

कश्मीर में भी एहतियात के तौर पर सर्विस को बंद किया गया। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि कश्मीर भारत का सबसे संवेदनशील क्षेत्र है। यहां कई बार आतंकवादी गतिविधियां या दंगे देखने को मिलते हैं। ऐसे में अधिकारी सबसे पहले और सुरक्षित कदम के रूप में इंटरनेट सर्विस को बंद करते है।

दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, अलगाववादी नेता पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मलिक पर गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत विभिन्न अपराधों के लिए अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई गई हैं।



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