रोहित शर्मा क्रिकेटर बनने के लिए मां-बाप से अलग रहे, बतौर गेंदबाज की शुरुआत, आज दुनिया के बेस्ट बल्लेबाज


नई दिल्ली. रोहित शर्मा (Rohit Sharma) आज क्रिकेट की दुनिया का सबसे चर्चित नाम है. इसकी वजह भी है. वे टीम इंडिया के तीनों फॉर्मेट के कप्तान बनाए जा चुके हैं. बतौर कप्तान 5 बार आईपीएल का खिताब जीतने वाले रोहित से अब भारतीय टीम को भी ट्रॉफी की उम्मीद है. उनके लिए आज का दिन खास है. रोहित आज अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं. वे वनडे इंटरनेशनल में 3 दोहरे शतक जड़ चुके हैं. दुनिया का अन्य कोई बल्लेबाज यह कारनामा नहीं कर सका है. लेकिन रोहित को क्रिकेट में करियर बनाने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा. गरीबी के कारण वे अपने माता-पिता से अलग रहते थे. हफ्ते में एक दिन वे उनसे मिलने जाते थे. लेकिन आज रोहित ने जो मुकाम हासिल किया है, वह किसी के लिए भी बेहद प्रेरणा देने वाला है.

रोहित शर्मा का जन्म नागपुर में हुआ था. उनकी मां पूर्णिमा आंध्र प्रदेश की थी. पिता गुरुनाथ शर्मा ट्रांसपोर्ट फर्म में केयरटेकर थे. अपने पिता की कम कमाई के चलते वे बोरिवली में अपने दादा और अंकल लोगों के साथ रहते थे. हफ्ते में एक दिन वे डोम्बिवली में अपने पैरेंट्स से मिलने जाते थे. उनका एक छोटा भाई विशाल शर्मा भी है. रोहित ने 1999 में अपने अंकल के पैसे से एक क्रिकेट कैंप में हिस्सा लिया था. कैंप में उनके कोच दिनेश लाड ने उनसे स्कूल बदलने को कहा. लेकिन रोहित इसके लिए तैयार नहीं थे.

स्कॉलरशिप मिली और ट्रेनिंग शुरू

आखिरकार रोहित शर्मा ने स्कूल बदला और उन्हें स्कॉलरशिप भी मिली. वे अगले 4 साल तक अपनी तैयारी करते रहे. उन्होंने बतौर क्रिकेटर शुरुआत ऑफ स्पिनर के तौर पर की थी. लेकिन कोच दिनेश लाड ने उनकी बल्लेबाजी को देखते हुए उन्हें 8वें नंबर से बतौर ओपनर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा. हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में रोहित ने इस फैसले को सही साबित किया और बतौर ओपनर डेब्यू मैच में शतक जड़ा.

लिस्ट-ए मैच में 8वें नंबर पर उतरे

रोहित शर्मा ने सीनियर लेवल पर क्रिकेट खेलने की शुरुआत 25 फरवरी 2006 को देवधर ट्रॉफी से की. इस मैच में उनके कप्तान पार्थिव पटेल थे और लिस्ट-ए के इस मैच में उन्हें 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करने का मौका मिला. वे 47 गेंद पर 31 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत भी दिलाई. वेस्ट जोन में उनके साथ रवींद्र जडेजा भी 27 गेंद पर 26 रन बनाकर नाबाद लौटे. चेतेश्वर पुजारा उनकी टीम की ओर से बतौर ओपनर उतरे थे और 6 रन बनाए थे. इन दिनों का यह डेब्यू मैच था.

2007 में किया इंटरनेशनल डेब्यू

रोहित शर्मा ने जून 2007 में आयरलैंड के खिलाफ वनडे मैच से इंटरनेशनल डेब्यू किया. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. वे 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे. क्वार्टर फाइनल में उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 40 गेंद पर नाबाद 50 रन बनाए थे. फाइनल में भी उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 16 गेंद पर नाबाद 30 रन बनाए थे. इतना ही नहीं 2015 और 2019 वर्ल्ड कप में भी अच्छा प्रदर्शन किया. हालांकि भारतीय टीम खिताब नहीं जीत सकी.

तीनों फॉर्मेट में लगा चुके हैं शतक

रोहित शर्मा इंटरनेशनल क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं. वे 45 टेस्ट में 8 शतक और 14 अर्धशतक के साथ 3137 रन बना चुके हैं. उन्हें खुद को बतौर टेस्ट बल्लेबाज साबित करना अभी बाकी है. वे वनडे में 230 मैच में 40 की औसत से 9283 रन बना चुके हैं. 29 शतक और 44 अर्धशतक लगाया है. वे टी20 इंटरनेशनल के 125 मैच में 4 शतक और 26 अर्धशतक के सहारे 3313 रन बनाए हैं. वे ओवरऑल टी20 में 10 हजार से अधिक रन बना चुके हैं. वे टी20 क्रिकेट में हैट्रिक भी ले चुके हैं.

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अब जबकि रोहित शर्मा को टीम इंडिया के तीनों फॉर्मेट की कमान मिल चुकी है. वे बताैर कप्तान आईपीएल में खुद को साबित कर चुके हैं. इस साल अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में टी20 वर्ल्ड कप होना है. इतना ही नहीं अगले साल घर में वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है. इन दोनों ही खिताब पर रोहित की नजर होगी.

Tags: BCCI, On This Day, Rohit sharma, Team india



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