सचिन तेंदुलकर ने जब बर्थडे पर देश को दिलाया खिताब, भूले तो नहीं शाारजाह का वो फाइनल


नई दिल्ली. सचिन तेंदुलकर आज अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं. अपने क्रिकेट करियर में रनों का अंबार लगाने वाले सचिन ने कई यादगार और बेशकीमती पारियां खेलीं. उन्होंने 24 साल पहले अपने बर्थडे पर भारत को जो खिताबी जीत का तोहफा दिया वो क्रिकेट फैंस की यादों में आज भी ताजा है. दरअसल 24 अप्रैल 1998 को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कोका कोला कप का फाइनल मैच शारजाह में खेला गया था. इस खिताबी मुकाबले में सचिन ने 134 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी.

भारत ने शारजाह क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल मैच में टॉस जीतकर फील्डिंग की. ऑस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए 9 विकेट पर 272 रन बनाए. कंगारू टीम की तरफ से स्टीव वॉ और डैरेन लेहमैन ने 70-70 रन की पारियां खेलीं. एडम गिलक्रिस्ट और माइकल बेवन ने 45-45 रन बनाए. भारत की तरफ से शानदार गेंदबाजी करते हुए वेंकटेश प्रसाद, अजित अगारकर और ऋषिकेश कानितकर ने 2-2 विकेट लिए.

सचिन का बर्थडे गिफ्ट

भारत को फाइनल जीतने के लिए 273 रन का लक्ष्य मिला. इस खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं हुई. भारत का पहला विकेट 39 रन पर गिर गया. ओपनर सौरव गांगुली 23 रन बनाकर आउट हुए. तीसरे नंबर पर बैटिंग करने आए नयन मोंगिया ने 28 रन बनाए. चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सचिन का भरपूर साथ दिया. इन दोनों क्रिकेटरों ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. भारत ने 273 रन का लक्ष्य 4 विकेट के नुकसान पर पूरा कर लिया.

सचिन तेंदुलकर ने 134 रन बनाए
फाइनल मुकाबले में सचिन तेंदुलकर ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए 131 गेंद पर 134 रन बनाए. अपनी पारी के दौरान उन्होंने 12 चौके और 3 छक्के लगाए. यह सचिन की बैटिंग का कमाल था जिसके चलते भारत मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम को फाइनल में हराने में सफल रहा. सचिन को उनकी इस शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया. इसके अलावा पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का ईनाम भी दिया गया.

डेजर्ट स्टॉर्म के बाद दूसरा शतक
इससे पहले सचिन तेंदुलकर ने 22 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 143 रनों की पारी खेली थी. उनकी यह पारी क्रिकेट इतिहास में डेजर्ट स्टॉर्म के नाम से दर्ज है. उन्होंने यह पारी उस वक्त खेली जब भारत पर इस टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था. दरअसल टीम इंडिया को फाइनल में पहुंचने के लिए इस मैच में 46 ओवर में 236 रन बनाने थे. जो भारतीय टीम हासिल करने में सफल रही. अगर टीम इंडिया ऐसा करने में नाकाम रहती तो फिर न्यूजीलैंड फाइनल में पहुंच जाता. सचिन जब इस मुकाबले में बैटिंग करने उतरे तो पूरा गणित उनके दिमाग में था. उन्होंने किसी भी अनहोनी से टीम को बचा लिया. फाइनल में सचिन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस टूर्नामेंट का दूसरा शतक लगाया था.

बेमजा हुआ फ्लेमिंग का बर्थडे
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए फाइनल में उस दिन दो खिलाड़ियों को जन्मदिन था. एकतरफ जहां सचिन तेंदुलकर अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे थे. तो दूसरी तरफ कंगारू गेंदबाज डेमियन फ्लेमिंग का भी जन्मदिन था. लेकिन सचिन ने फाइनल में शतकीय पारी खेलकर और भारत को खिताबी जीत दिलाकर फ्लेमिंग के बर्थडे के जश्न को फीका कर दिया. हालांकि फ्लेमिंग ने फाइनल में 2 विकेट लिए थे. लेकिन वह अपने जन्मदिन पर ऑस्ट्रेलिया को खिताब जिताने में नाकाम रहे.

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24 साल बाद टूटा सचिन का रिकॉर्ड

वनडे में जन्मदिन पर सबसे ज्यादा 134 रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम 24 वर्षों तक रहा. इसी महीने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज टॉम लाथम ने सचिन तेंदुलकर के इस रिकॉर्ड को तोड़ था. हैमिल्टन में नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए वनडे मैच में उन्होंने अपने बर्थडे पर 140 रनों की पारी खेली. एकदिवसीय क्रिकेट में जिन बल्लेबाजों ने अपने जन्मदिन पर बड़ी पारियां खेली हैं उनमें टॉम लाथम 140 रन, सचिन तेंदुलकर 134 रन, रॉस टेलर 131 रन, सनथ जयसूर्या 130 रन और विनोद कांबली की 100 रनों की पारी शामिल हैं.

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