9 साल तक क्रिकेट के लिए नहीं देखी घर की शक्‍ल, माता-पिता की भी न सुनी, अब IPL में किया शानदार डेब्यू


नई दिल्ली. किसी चीज को अगर पूरी शिद्दत से चाहो तो सारी कायनात आपको उससे मिलाने में जुट जाती है. बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की फिल्म ओम शांति ओम का यह मशहूर डायलॉग मुंबई इंडियंस के लिए एक दिन पहले आईपीएल डेब्यू करने वाले बाएं हाथ के स्पिनर कार्तिकेय सिंह की जिंदगी से बिल्कुल मेल खाता है. उन्होंने क्रिकेटर बनने के अपने सपने को साकार करने के लिए 9 साल तक का घर का मुंह नहीं देखा, अलग-अलग नौकरी तक की. लेकिन अपने सपने को पूरा करने की जिद को कभी मरने नहीं दिया. वक्त लगा, लेकिन सपना साकार हो गया और कार्तिकेय ने धमाकेदार आईपीएल डेब्यू किया और मुंबई इंडियंस को लगातार 8 हार के बाद पहली जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

कार्तिकेय सिंह ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में ही सबका दिल जीत लिया. उन्होंने अपनी कसी हुई गेंदबाजी से सबको प्रभावित किया. कार्तिकेय ने मैच में राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन का कीमती विकेट अपने नाम किया. उन्होंने अपने कोटे के 4 ओवर में महज 19 रन दिए और मुंबई की तरफ से सबसे किफायती गेंदबाज साबित हुए और सबसे बड़ी वो मुंबई के लिए लकी साबित हुए. क्योंकि उनके टीम में आते ही आईपीएल 2022 में मुंबई इंडियंस को पहली जीत मिली.

कार्तिकेय सिंह का सफर
कार्तिकेय सिंह बीते 28 अप्रैल को मुंबई इंडियंस में रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर शामिल हुए थे. उन्हें बाएं हाथ के पेसर मोहम्मद अरशद खान के चोटिल होने की वजह से टीम में मौका मिला. कार्तिकेय को 20 लाख रुपये के बेस प्राइज पर मुंबई ने अपने साथ जोड़ा. इस युवा खिलाड़ी ने अब तक 9 फर्स्ट क्लास, 19 लिस्ट-ए और 9 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें क्रमश: 35, 18 और 10 विकेट चटकाए हैं. कार्तिकेय उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में पैदा हुए हैं और उनके पिता उत्तर प्रदेश पुलिस में हैं और फिलहाल झांसी में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं. हालांकि, कार्तिक घरेलू क्रिकेट मध्य प्रदेश की तरफ से खेलते हैं. जबकि उनका छोटा भाई यूपी की जूनियर टीम का हिस्सा है.

कार्तिक ने क्रिकेटर बनने के लिए लंबा संघर्ष किया
कार्तिक के लिए आईपीएल तक पहुंचने का सफऱ आसान नहीं रहा. उनके क्रिकेट खेलने की शुरुआत कानपुर से हुई थी. लेकिन यूपी से खेलने के दौरान उन्हें सफलता नहीं मिली तो दिल्ली चले गए. यहां उन्होंने गौतम गंभीर, अमित मिश्रा जैसे खिलाड़ियों को तराशने वाले संजय भारद्वाज की एकेडमी में किस्मत आजमाई. लेकिन यहां भी बात नहीं बनी तो मध्यप्रदेश का रुख कर लिया. यहां उन्हें शहडोल संभाग की अंडर-23 टीम से खेलने का मौका मिला. धीरे-धीरे उन्होंने मध्य प्रदेश की रणजी टीम में जगह बनाई. ऑक्शन से पहले मुंबई इंडियंस ने उन्हें ट्रायल्स के लिए बुलाया था. लेकिन मुख्य स्क्वॉड में शामिल नहीं किया. अब उन्हें मुंबई ने मौका दिया.

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9 साल घर नहीं गए कार्तिकेय
क्रिकेटर बनने की जिद के कारण कार्तिकेय ने 9 साल तक घऱ का मुंह नहीं देखा. माता-पिता बार-बार आने की जिद करते रहे. लेकिन कार्तिकेय ने ठान रखा था कि कुछ बनने के बाद ही घर लौटेंगे. इस बाएं हाथ के स्पिनर ने आईपीएल डेब्यू के बाद दैनिक जागरण से बातचीत में अपने संघर्षों को याद करते हुए कहा कि मैं 9 साल से घर नहीं गया. मैंने सोच रखा था कि अब तभी घर लौटूंगा, जब जिंदगी में कुछ हासिल कर लूंगा. मेरे माता और पिता लगातार फोन करके घर लौटने की बात कहते थे. लेकिन मैंने पक्का इरादा किया था और अब जाकर मेरा सपना पूरा हुआ है और अब आईपीएल के बाद मैं घर लौटूंगा.

Tags: IPL, IPL 2022, Mumbai indians



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