Ethereum के को-फाउंडर ने ब्लॉकचेन के सॉफ्टवेयर में बदलाव से किया इनकार


प्रमुख ब्लॉकचेन्स में से एक Ethereum के को-फाउंडर Vitalik Buterin ने प्रूफ-ऑफ-स्टेक (PoS) मैकेनिज्म की आलोचना को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि प्रूफ-ऑफ-वर्क (PoW) मैकेनिज्म का समर्थन करने वाले कुछ लोग PoS को लेकर गलत जानकारी देते रहते हैं।

Swan Bitcoin के एडिटर Nick Payton ने PoS के बारे में राय दी थी। Payton ने ट्वीट कर कहा था, “प्रूफ ऑफ स्टेक से जुड़े लोग इसकी विशेषताओं में बदलाव के लिए वोट कर सकते हैं और इससे पता चलता है कि यह ऐसे ब्लॉकचेन नेटवर्क्स की सिक्योरिटी से जुड़ा मुद्दा है।” इसके जवाब में Buterin का कहना था कि PoW के कुछ समर्थक अक्सर PoS के बारे में प्रोटोकॉल पैरामीटर्स पर वोटिंग जैसे झूठ बोलते हैं। उन्होंने बताया, “PoS और PoW में नोड्स अमान्य ब्लॉक्स को बाहर करते हैं। यह मुश्किल नही है।” 

PoW में क्रिप्टो माइनिंग के लिए माइनर्स मैथमैटिक्स के जटिल इक्वेशंस को सुलझाने के लिए कंप्यूटिंग पावर का इस्तेमाल करते हैं। Bitcoin और Ethereum इसी तरीके से ट्रांजैक्शंस को वैलिडेट करने के साथ ही अपने नेटवर्क्स को सुरक्षित रखते हैं। हालांकि, Ethereum ने ‘Merge’ कहे जाने वाले एक अपग्रेड के जरिए प्रूफ-ऑफ-स्टेक पर शिफ्ट होने की तैयारी की है। इस अपग्रेड ने हाल ही पब्लिक टेस्ट नेटवर्क Sepolia पर एक ट्रायल पूरा किया है। इससे Ethereum के डिवेलपर्स को अपग्रेड जल्द लॉन्च होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट में पहले ही देर हो चुकी है। Sepolia टेस्टनेट की अगले कुछ दिनों तक निगरानी की जाएगी। Ethereum के डिवेलपर्स ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया, “Merge के लिए Sepolia तीन पब्लिक टेस्टनेट्स में से दूसरा होगा।” इन टेस्ट से डिवेलपर्स को यह समझने में मदद मिलेगी कि अपग्रेड होने के बाद नेटवर्क का प्रदर्शन कैसा रहेगा। Ethereum के अपग्रेड से जुड़े कड़े टेस्ट किए जा रहे हैं क्योंकि इस ब्लॉकचेन पर 100 अरब डॉलर से अधिक से डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) ऐप्स को सपोर्ट दिया जाता है।

इस अपग्रेड से stETH कहे जाने वाले क्रिप्टो डेरिवेटिव टोकन के इनवेस्टर्स को भी राहत मिल सकती है। डेवलपर्स इथेरियम के माइनिंग प्रोटोकॉल को उसके मौजूदा ‘प्रूफ ऑफ वर्क’ (PoW) मॉडल से ‘प्रूफ ऑफ स्टेक’ (PoS) में दोबारा कोड कर रहे हैं। इस अपग्रेड से Ethereum की इलेक्ट्रिसिटी की खपत 99 प्रतिशत तक घटने की उम्मीद है। Ethereum माइनर्स को ब्लॉकचेन पर ट्रांजैक्शंस का ऑर्डर देने के लिए बड़े सर्वर फार्म्स का इस्तेमाल करना पड़ता है जिससे इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत होती है।  
 

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