डेब्यू में दिखाए थे तूफानी तेवर, फिर भी वर्ल्ड कप में खाली रहा हाथ, 2 ‘चेले’ भारत के लिए खेले

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हाइलाइट्स

भारत के लिए वनडे डेब्यू पर तूफानी फिफ्टी ठोकने के बाद भी 2 साल में करियर खत्म
संन्यास के बाद कोचिंग में हाथ आजमाए, 2 चेले भारत की तरफ से खेल चुके हैं क्रिकेट

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने आगाज तो धमाकेदार किया है, लेकिन फिर करियर उस रफ्तार से आगे बढ़ नहीं पाया. ऐसे ही एक क्रिकेटर रहे हैं अमय खुरासिया, जिन्होंने 1999 में भारत के लिए डेब्यू किया. इसी साल इंग्लैंड में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप की टीम में भी चुने गए. लेकिन, अमय के हाथ खाली रहे. क्योंकि पूरे टूर्नामेंट में कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने एक भी मैच में प्लेइंग-XI में मौका नहीं दिया. इसके बाद अमय बहुत ज्यादा वक्त तक भारत के लिए नहीं खेल पाए और 2001 में आखिरी वनडे खेला.

अमय खुरासिया को भारत की तरफ से टेस्ट खेलने का मौका ही नहीं मिला. अमय ने 17 साल की उम्र में ही फर्स्ट क्लास डेब्यू कर लिया था. हालांकि, इसके 10 साल बाद उन्हें भारत की तरफ से डेब्यू का मौका मिला. अमय ने श्रीलंका के खिलाफ 30 मई, 1999 को अपना वनडे डेब्यू किया था. अपने पहले ही इंटरनेशनल मैच में बाएं हाथ के इस बैटर ने 5 नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 45 गेंद में 57 रन की पारी खेली थी. उन्होंने 4 चौके और 2 छक्के लगाए थे.

इसी मैच में अजय जडेजा ने सेंचुरी ठोकी थी. हालांकि, इतनी अच्छी शुरुआत के बावजूद अमय का करियर 2 साल लंबा रहा. इस दौरान उन्होंने भारत के लिए खेले 12 वनडे में 149 रन बनाए और डेब्यू के बाद अमय खुरासिया फिर किसी मैच में फिफ्टी नहीं ठोक पाए. इसके बाद अमय टीम से भी बाहर हो गए थे. 2001 में श्रीलंका में कोका-कोला कप से पहले सचिन तेंदुलकर को लगी चोट के कारण अमय को फिर टीम इंडिया में मौका मिला. लेकिन, स्टैंडबाय ओपनर के तौर पर टीम में आए अमय इसे भुना नहीं पाए और 2001 में ही उन्होंने अपना आखिरी मैच खेला.

अमय ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 21 शतक ठोके
अमय खुरासिया ने मध्य प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 7300 से अधिक रन बनाए. उन्होंने 21 शतक और 31 अर्धशतक ठोके. अमय ने 2007 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया और फिर टीवी कॉमेंट्री में हाथ आजमाया. इसके बाद वो मध्य प्रदेश की क्रिकेट एकेडमी के कोच भी रहे.

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आवेश, वेंकटेश अय्यर को तराशा
अमय खुरासिया खुद भले ही भारत के लिए 12 वनडे ही खेल पाए. लेकिन, उनके तराशे हुए 2 खिलाड़ी भारत की तरफ से खेले. इसमें तेज गेंदबाज आवेश खान और वेंकटेश अय्यर शामिल हैं. टीम इंडिया में लगातार दस्तक दे रहे रजत पाटीदार की बल्लेबाजी को तराशने में भी अमय खुरासिया का बड़ा हाथ है. वो अभी भी एमपीसीए की एकेडमी के कोच की भूमिका निभा रहे हैं और मध्य प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को तराशने का काम कर रहे. मध्य प्रदेश की टीम पिछले साल रणजी चैंपियन बनी थी, उसमें भी अमय की अहम भूमिका रही थी.

Tags: Avesh khan, Madhya pradesh news, Team india, Venkatesh Iyer



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